टायरों की सुरक्षा का अच्छे से ध्यान रखें:
दिनभर के काम से पहले, काम के दौरान और काम खत्म होने के बाद टायरों की नियमित रखरखाव जांच से टायरों के माइलेज और लागत पर सीधा असर पड़ता है, जिस पर ड्राइवरों को पूरा ध्यान देना चाहिए।
गाड़ी से निकलने से पहले जांच लें:
(2) जांचें कि रिम नट ठीक से कसा हुआ है या नहीं, और क्या टायर के रगड़ने की कोई घटना है, जैसे कि लीफ प्लेट, फेंडर और कार्गो बॉक्स आदि।
(3) बोर्ड पर मौजूद सभी उपकरणों की जाँच और गिनती करें, जैसे टायर आयरन, जैक, व्हील नट, सॉकेट रिंच, बैरोमीटर, हैंड हैमर, स्टोन कटर, वेज और स्पेयर वाल्व कोर।
मार्ग में निरीक्षण:
(1) रुकने और सामान लादने और उतारने जैसे विभिन्न अवसरों के साथ मिलकर किया जाना चाहिए। पार्किंग स्थल साफ, समतल, ठंडा (गर्मी में) होना चाहिए और उस स्थान से गुजरने वाले अन्य वाहनों को प्रभावित नहीं करना चाहिए।
(2) जुड़वाँ पत्थरों और पैटर्न खांचे के पत्थरों और अन्य मलबे को साफ़ करें।
(3) टायर की घिसावट की जाँच करें, जिसमें टायर के ट्रेड और साइड की असामान्य घिसावट की घटना, हवा का दबाव पर्याप्त है या नहीं, टायर का तापमान सामान्य है या नहीं, रिम को कोई नुकसान है या नहीं, शामिल है।
काम के बाद जाँच करें:
दिनभर के काम के बाद, कार को सूखे, साफ और तेल रहित पार्किंग क्षेत्र में पार्क करना चाहिए; ठंडे क्षेत्रों में पार्किंग स्थल से बर्फ और पाला नियमित रूप से हटाना चाहिए, ताकि टायर और बर्फ आपस में न चिपकें। अन्य निरीक्षण कार्य और प्रस्थान प्रक्रिया लगभग समान हैं, लेकिन रास्ते में यदि स्पेयर टायर या क्षतिग्रस्त टायर बदलने की आवश्यकता हो, तो उन्हें समय पर मरम्मत के लिए भेजें और पंजीकरण एवं डिसअसेंबली संबंधी रिकॉर्ड पूरा करें।
पोस्ट करने का समय: 18 अक्टूबर 2022



